पत्थर तोड़ना और पत्थर तराशना दोनों में बड़ा अंतर है मैं तुम्हारे लिए छेनी थी पत्थर तो तुम्हें बहुत मिलेंगे हथौड़े भी बहुत मिलेंगे पर तुम्हें तराशने के लिए मेरी जरूरत पड़ेगी और पड़ी भी तराशने में तुम्हें मैंने मदद भी की पर तुमने सिर्फ और सिर्फ पत्थर ही समझा

जो आपसे बहुत सी बातें करना चाहता है उसे ख़ामोशी पहना दे सिर्फ इसलिए कि उसके पास आपके  अधिक लोग नहीं... जिसने आपको अपनी दुनिया बना लिया हो उसकी दुनिया उजाड़ना, उसकी हत्या करने के बराबर ही है.... दिल के शोर जब अचानक से गला घोंट कर बंद करा दिए जाते तो इंसान जीते जी मरने लगता है...अपनी जिंदगी की शाम होते देखना आसान नहीं है

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