परंपरागत मूल्यों और अन्वेषण के बीच आर्यभट्ट :एक अन्वेषक " l Hindi Natak Review
"परंपरागत मूल्यों और अन्वेषण के बीच आर्यभट्ट :एक अन्वेषक " Hindi Natak Review हम जिस समाज में रहते हैं ,उसमें मूल्यों का बहुत महत्व है। क्योंकि मूल्यहीन समाज पशुओं के झुंड की ओर संकेत करता है। विश्व भर में मानव जिस समूह और समुदाय में रहता है ,वहां वह मूल्यों के डोर में बंध कर उचित- अनुचित का व्यवहार अपने विवेक से करता है। 'मूल्य शब्द से तात्पर्य किसी भौतिक वस्तु अथवा मानसिक अवस्था के उस गुण से है ,जिसके द्वारा मनुष्य के किसी उद्देश्य अथवा लक्ष्य की पूर्ति होती है। मूल्यों का व्यक्ति के आचरण, व्यक्तित्व तथा कार्यों पर स्पष्ट प्रभाव पड़ता है'1और यह प्रभाव ही समाज में एक व्यक्ति को व्यक्ति से भिन्न बनाता है। हमारे व्यक्तिगत, नैतिक गुणों की पहचान भी इसी से होती है। किसी भी मानव समाज में उसका परिवार ही एक ऐसी छोटी इकाई के रूप में जाना जाता है, जहां माता के गर्भ से ही सामाजिक गुणों ,मानव मूल्यों और व्यक्तित्व का विकास होने लगता है। व्यक्तित्व से जुड़ा प्रत्येक पक्ष इस समाज को एक नई दिशा की ओर ले जाता है ।धीरे- धीरे हमारे आचरण और व्यवहार एक परंपरा का निर्माण करने लगते हैं।म...