Posts

Showing posts from May, 2026

सारस सा मन

Image
  उत्सव और विलाप जीवन में एक साथ देखना हो तो वाराणसी के घाटों को देखें। आँखों में और भी मोह पसरता जायेगा इस नश्वर जीवन के लिए। कभी -कभी  मन युँ उदास उजड़ा सा जड़ होना चाहेगा कि नग्न सत्य के अतिरिक्त कुछ नजर नहीं आएगा।       जैसे प्रेम में डूबा हृदय उबरना नहीं चाहता और प्रेम का अंत किसी की आँखों में देख प्रेमी हृदय जीना नहीं चाहता। फिर भी प्रेम से लोग उबर जाते हैं या ऊब जाते हैं और नहीं जीने वाला प्रेमी मन भी खुद को मरने नहीं देता। उन दो इंसान को कभी देखा है जो असीम प्रेम में बंधे होते हैं लगता है कि एक दूसरे से विलग हो जी नहीं पाएंगे।उनमें से सिर्फ एक सारस सा होता है और एक  सारस सा दिखने वाला होता है। वो साथ जीने- मरने की कसमें भी खाते हैं।फिर भी, विलग होने की स्थिति में एक थोड़ा समझदार प्रेमी स्वयं को समाज का हिस्सा मानते हुए समाज की सुनकर किसी अन्य के साथ जुड़ जाता है और दूसरा उसे किसी और से जुड़ता देख तड़प कर मर जाता है। यह दुनिया की रीत है ऐसे बहुत से उदाहरण मिल जायेंगे और साथ जान देने के किस्से भी मिल जायेंगे।    ...