Posts

Showing posts from January, 2023

"पीले स्कूटर वाला आदमी " Hindi Natak Review

Image
 "अपराध बोध (वृद्ध के प्रति) और अकेलेपन में अंतर्मन में संघर्षरत लेखक : पीले स्कूटर वाला आदमी "Hindi Natak Review  एक लेखक जब कुछ लिखता है, तब वह उसे जीता है। एक साथ भूत ,भविष्य और वर्तमान में  संचरण करते हुए सभी अनछुए पहलुओं को छूना चाहता है। एक लेखक है जो उन प्रश्नों के उत्तर ढूंढ रहा है, जिसे वह बचपन से ढ़ो रहा है।  इंसान वह नहीं होता जो वह दिखता है, वह अक्सर वह होता है जिसे देखा नहीं जा सकता। बस उसके अनुभवों से जुड़ कर समझा जा सकता है। लाल ही है जो खंड खंड जीता है। नाटककार ने एक लेखक के भीतर चलते झंझावातों को बाहर आते दिखाया है। नाटक में लाल ,पीतांबर, बूढ़ा व्यक्ति और नील यह सभी पात्र मुख्य पात्र के उन सभी अनुभवों से जुड़े हुए हैं ,जो उसके जीवन में  अहम हैं।  नाटक के आरंभ में लाल नामक पात्र कुछ टाइप कर रहा होता है और पीतांबर नील के साथ नाचने का अभिनय करता है। ब्लैक आउट होते ही स्थितियां बदल जाती हैं रोशनी में हम देखते हैं पितांबर के स्थान पर लाल और लाल के स्थान पर पीतांबर नजर आता है।डोरबेल की आवाज के साथ लाल का पिता भीतर आकर लाल के सर पर हाथ फेरते हुए प...